Wednesday, December 15, 2010

कर्म बड़ा या भाग्य

सदियों से मानव सभ्यता कर्म और भाग्य इन दो शब्दों के इर्द गिर्द घूम रही है | कर्म बड़ा है या भाग्य ? भाग्य को कर्म का फल माना गया है | कर्म को तो सभी बड़ा मानते हैं पर न चाहते हुए भी भाग्य को मानना हीं पड़ता है | सबने अपने अपने अनुभव और सोच के आधार पर इन शब्दों को परिभाषित किया है | ज्यादा तो नहीं पर जीवन का मुझे जितना भी अनुभव है उसमे मैंने यही पाया है की भाग्य न सही दुर्भाग्य कर्म से ताकतवर जरुर है | ये मत समझिएगा कि मैं कर्महीन जीवन कि वकालत या पैरवी कर रही हूँ | कर्म तो सबसे बड़ा धर्म है इंसान का | सीधे सीधे लब्जों में कहूँ तो वास्तविक जीवन में भाग्य कर्म से ज्यादा बली है पर यही तो असली मज़ा है कर्मशील जीवन का | कमजोर से लड़कर तो कोई भी जीत सकता है बहादुरी तो इसी में है न कि हम खुद से बलवान को हरा दें | बिना कर्म किये अगर भाग्य से हार जाते हैं तो हम कायर कि मौत मरेंगे और कर्म करके भी हम हार गए तो कर्मपथ पर शहीद होंगे | अरे इसी बात पर मैंने कुछ सोचा है :- क्या हुआ जो तू लड़कर हार गया ,
                                                                                  उससे तो कहीं अच्छा जो डरकर हार गया |
महाभारत का कर्ण तो याद है न | जन्म से लेकर मृत्यु तक हर कदम पर दुर्भाग्य ने उसे घेरा अंततः वह हार भी गया पर वह लड़कर हरा डरकर नहीं तभी तो वह शहीद हुआ | महाबली कर्ण कहलाया | सन 1857 के सभी शहीद युद्ध तो हार गए थे न फिर भी आज तक उन्हें इज्जत से याद किया जाता है क्योंकि दासता उनका दुर्भाग्य था उनका कर्म उससे जीत न सका पर वे डरकर नहीं लड़कर हारे थे | तभी तो शहीद कहलाये | भाग्य तो हमारे हाथ में नहीं है पर कर्म तो है | भाग्य कर्म से बली भी है तो क्या हुआ ?जब अँगरेज़ हमारे देश में आये थे तो वे भी हमसे ज्यादा ताकतवर थे |उनके पास आधुनिक हथियार थे जो हमारे पास नहीं थे | 200 साल तक हमने उनकी दासता झेली थी वह दुर्भाग्य था हमारा उस दासता से मुक्ति के लिए हम लड़े ये कर्म था हमारा |
दुर्भाग्य से लड़कर कर्म जीत जाए यह जरुरी नहीं पर हम सदैव कर्मरत रहें यह अत्यांतावाश्यक है | हमारा आत्मविश्वास हमे जीत दिलाये ऐसा हमेशा नहीं होता पर आत्मविश्वास हमे निरंतर कर्मरत जरुर रखता है | बरसते पानी को हम बंद नहीं करा सकते वह नियति के हाथ में है पर उससे बच तो सकते है न | भाग्य ताकतवर है पर उससे लड़कर हमे यही तो सिद्ध करना है कि हम कायर नहीं हैं | खुद से बलवान से भी टक्कर लेने का जज्बा है हममे |    

8 comments:

  1. It is important to make efforts, and rest be left to god.it is 90% perspiration one% luck, but that one% is many a time equally important.

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  2. your view is very right but destiny plays a very significant role in our life -no one can refuse this.

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  3. bhagya jaruri hai.............par bina karm ke wo bhi kya kar sakta :)

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  4. mindblowing yar...
    great..
    bohot bohot achaa lga..

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  5. sunder lekhani......

    agar lagan se soch vichaar ke karm karenge to jeet mil hi jaayegi...

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  6. Mukesh ji, abha ji, Abhishek bhaiya Thanks

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